डीजे का प्रचलन बढ़ा, बिना नशा नर चूर।
वहीं पास में यम खड़ा, रहा मनुज को घूर।।1
धर्म और वर्चस्व का, दिखा अनोखा ढंग।
डी.जे. से दिल यूँ लगा, लड़ें मौत से जंग।।2
मौत खरीदी दे रुपए, बौराया इंसान।
गर्दन में तलवार सम, डीजे का सम्मान।।3
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