Sunday, 1 June 2025

समय व्यर्थ बदनाम

वादों की बरसात में, कीचड़ हुआ तमाम।
हृदय भाव विच्छिन्न सब, समय  व्यर्थ बदनाम।।

Friday, 14 March 2025

नि:शुल्क बाल कविता साझा संग्रह आमंत्रण

नि:शुल्क *बालकविता साझा संग्रह* (*माँ मैं तो इंसान बनूँगा*) हेतु आमंत्रण💐🌳🌸🌼🌺
 
1. पुस्तक ISBN युक्त होगी।
2. नि:शुल्क प्रकाशित होने का सुनहरा अवसर।
3. पुस्तक खरीदने की कोई बाध्यता नहीं अर्थात पुस्तक न लेने पर भी रचना प्रकाशित की जाएगी।
4. अंतरराष्ट्रीय स्तर के साहित्यकारों की सहभागिता।
5. अतिशीघ्र प्रकाशन 
6. पुस्तक विमोचन की तिथि व स्थान की जानकारी बाद में दी जाएगी।

7.न तो शुल्क लेंगे और न ही नि:शुल्क पुस्तक देंगे बल्कि साहित्यकारों की माँग पर आवश्यकतानुसार लागत मूल्य पर प्रकाशित प्रतियाँ उपलब्ध कराने की व्यवस्था रहेगी।
8.पुस्तक अमेजॉन पर भी उपलब्ध रहेगी।

9.रचनाएँ भेजने की अन्तिम तिथि 31 मार्च 2025 ।

             🌺सम्पादक🌺
 *डॉक्टर सन्तोष कुमार माधव महोबा (उ.प्र.)*
ह्वाट्सएप नं.- 9695947153

*क्या भेजें,कहाँ भेजें?*

स्वरचित व मौलिक रचनाओं की घोषणा सहित अपनी दो उत्कृष्ट अप्रकाशित बाल कविताएँ,एक पासपोर्ट फोटो, सूक्ष्म परिचय के साथ उपर्युक्त व्हाट्सएप नम्बर पर प्रेषित करें। रचनाएँ चयनित होने के बाद ही प्रकाशित की जायेंगी अतः रचनाएँ स्तरीय होना चाहिए। कविता चयनोपरान्त लेखक को जानकारी दी जाएगी।

Tuesday, 4 March 2025

दोहा धुरन्धर सम्मान

रजनी   सिमटी   लाजवश, भानु   तरेरे   आँख।

अंक छोड़ खग भी उड़े, झाड़-झाड़ निज पाँख।।

Wednesday, 26 February 2025

डीजे मतलब मौत

डीजे का प्रचलन बढ़ा, बिना नशा  नर चूर।

वहीं पास में यम खड़ा, रहा मनुज को घूर।।1


धर्म और वर्चस्व का, दिखा  अनोखा  ढंग।

डी.जे. से दिल यूँ लगा, लड़ें मौत से जंग।।2


मौत  खरीदी  दे  रुपए, बौराया   इंसान।

गर्दन में तलवार सम, डीजे का सम्मान।।3





एक क्षण विचार अवश्य करें

कोई इंसान नहीं बनना चाहता, सब हिन्दू, मुसलमान, बौद्ध बनना चाहते हैं। मानवता के रक्षक कहीं दिखाई नहीं दे रहे...दिखते हैं तो सिर्फ सनातनी,दलित,मुस्लिम, बौद्ध

सब जाति-धर्म में बँटकर अपने आपको ही श्रेष्ठ मानने का दम्भ पाल रहे हैं। असलियत यही है कि विश्व गुरु भारत आज रसातल में जाने को अग्रसर है।

दोहा

धर्म और वर्चस्व का, दिखा अनोखा ढंग।

डी.जे. से दिल यूँ लगा, लड़ें मौत से जंग।।