Wednesday, 26 February 2025

एक क्षण विचार अवश्य करें

कोई इंसान नहीं बनना चाहता, सब हिन्दू, मुसलमान, बौद्ध बनना चाहते हैं। मानवता के रक्षक कहीं दिखाई नहीं दे रहे...दिखते हैं तो सिर्फ सनातनी,दलित,मुस्लिम, बौद्ध

सब जाति-धर्म में बँटकर अपने आपको ही श्रेष्ठ मानने का दम्भ पाल रहे हैं। असलियत यही है कि विश्व गुरु भारत आज रसातल में जाने को अग्रसर है।

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