Wednesday, 26 February 2025

डीजे मतलब मौत

डीजे का प्रचलन बढ़ा, बिना नशा  नर चूर।

वहीं पास में यम खड़ा, रहा मनुज को घूर।।1


धर्म और वर्चस्व का, दिखा  अनोखा  ढंग।

डी.जे. से दिल यूँ लगा, लड़ें मौत से जंग।।2


मौत  खरीदी  दे  रुपए, बौराया   इंसान।

गर्दन में तलवार सम, डीजे का सम्मान।।3





एक क्षण विचार अवश्य करें

कोई इंसान नहीं बनना चाहता, सब हिन्दू, मुसलमान, बौद्ध बनना चाहते हैं। मानवता के रक्षक कहीं दिखाई नहीं दे रहे...दिखते हैं तो सिर्फ सनातनी,दलित,मुस्लिम, बौद्ध

सब जाति-धर्म में बँटकर अपने आपको ही श्रेष्ठ मानने का दम्भ पाल रहे हैं। असलियत यही है कि विश्व गुरु भारत आज रसातल में जाने को अग्रसर है।

दोहा

धर्म और वर्चस्व का, दिखा अनोखा ढंग।

डी.जे. से दिल यूँ लगा, लड़ें मौत से जंग।।