डॉ.सन्तोष कुमार माधव
Sunday, 1 June 2025
समय व्यर्थ बदनाम
वादों की बरसात में, कीचड़ हुआ तमाम।
हृदय भाव विच्छिन्न सब, समय व्यर्थ बदनाम।।
1 comment:
वेदस्मृति "कृती "
4 June 2025 at 19:02
बहुत बढ़िया 🌷🌷🌷
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बहुत बढ़िया 🌷🌷🌷
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